उदासियां...


उदासियों की कोई शक्ल नहीं होती
उदासियों का कोई रंग नहीं होता...
पर फिर भी हर बार
हो जाती हैं कामयाब
ये उदासियाँ
ज़िंदगी के रंग को
तनिक म्लान करने में...
उदासियों की कोई शक्ल नहीं होती
बावजूद इसके
हर दफे..
मुस्कराते चेहरे पर
हो जाती हैं ये काबिज़...
उदासियों का कोई ठिकाना नहीं होता..
पर, जहां कहीं भी ठहरती हैं
ये उदासियाँ
छोड़ जाती हैं निशाँ अपने..
उदासियों का कोई मौसम नहीं होता..
किसी भी मौसम में
आ जाती हैं
छा जाती हैं
उदासियाँ...
उदासियों की कोई शक्ल नहीं होती
उदासियों का कोई रंग नहीं होता...

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